Tuesday, 26 May 2015

VERY HEART TOUCHING LINES.....

VERY HEART TOUCHING LINES

बेजुबान पत्थर पे लदे है करोडो के गहने मंदिरो में ।
उसी देहलीज पे एक रूपये को तरसते नन्हे हाथो को देखा है।।
सजे थे छप्पन भोग और मेवे मूरत के आगे । 
बाहर एक फ़कीर को भूख से तड़प के मरते देखा है ।।लदी हुई है रेशमी चादरों से वो हरी मजार 
,पर बहार एक बूढ़ी अम्मा को ठंड से ठिठुरते देखा है।
वो दे आया एक लाख गुरद्वारे में हाल के लिए , 
घर में उसको 500 रूपये के लिए काम वाली बाई बदलते देखा है।
सुना है चढ़ा था सलीब पे कोई दुनिया का दर्द मिटाने को, 
आज चर्च में बेटे की मार से बिलखते माँ बाप को देखा है।जलाती रही जो अखन्ड ज्योति देसी घी की दिन रात पुजारन ,
 आज उसे प्रसव में कुपोषण के कारण मौत से लड़ते देखा है ।
जिसने न दी माँ बाप को भर पेट रोटी कभी जीते जी , आज लगाते उसको भंडारे मरने के बाद देखा ।दे के समाज की दुहाई ब्याह दिया था जिस बेटी को जबरन बाप ने, 
आज पीटते उसी शौहर के हाथो सरे राह देखा है ।
मारा गया वो पंडित बेमौत सड़क दुर्घटना में यारो ,जिसे खुदको काल सर्प,तारे और हाथ की लकीरो का माहिर लिखते देखा है ।जिस घर की एकता की देता था ज माना कभी मिसाल दोस्तों ,
आज उसी आँगन में खिंचती दीवार को देखा है।जिसने ली ना कभी सलाह बुजुर्गों की, आज उसे वकील की सलाह लेते देखा है

very inspirational stories

MOTIVATIONAL STORIES

कहा जाता है कि अगर कुछ करने की लगन और जज्बा हो तो किस्मत पलटते देर नहीं लगती। कबीरदास जी ने बिलकुल सही कहा है – ‘रसरी आवत जात से सिल पर परत निसान’, लगातार कठोर मेहनत करने से हर कठिन कार्य को आसान किया जा सकता है।वीएसएस मणि, ये नाम है उस सख्श का जिसने देश के युवाओं के लिए एक मिशाल पेश की है और बताया कि कैसे कठिन संघर्षो के बावजूद भी सफलता हासिल की जाती है । वीएसएस मणि जी “jusl dial” कंपनी के मालिक हैं और कलकत्ता के रहने वाले हैं । “Just Dial” आज 900 करोड़ की कंपनी है जिसमें हजारों कर्मचारी काम करते हैं।
यही नहीं , स्वयं अमिताभ बच्चन JustDial के ब्रांड एम्बेसडर हैं और आज ये बहुत विख्यात कंपनी में से एक है । 8888888888 ये नंबर JustDial के लिए प्रयोग किया जाता है। वीएसएस मणि जी आज उस मुकाम पर हैं कि उनका जीवन युवाओं के लिए एक प्रेरणा का स्रोत हो सकता है ।एक समय था जब वीएसएस मणि जी कठिन संघर्षों से गुजर रहे थे। बहुत कोशिशों के बावजूद भी कोई कार्य सफल नहीं हो पा रहा था । वैसे Just Dial का आइडिया उनके दिमाग में 22 साल की उम्र से ही था और इसी की वजह से उन्होंने Askme नाम की एक कंपनी भी शुरू की थी लेकिन ये कंपनी बहुत ज्यादा सफल नहीं हो पायी । उन संघर्षों के दिनों में वीएसएस मणि जी ने पत्नी के गहने बेच कर Just Dial की शुरूआात की और उनकी कठिन मेहनत का नई नतीजा है कि आज कंपनी 900 करोड़ की हो गयी है ।मित्रों , जीवन में जब कठिन समय आये तो घबराएं नहीं क्यूंकि संघर्ष एक परीक्षा के समान है जिसमें उत्तीर्ण होकर ही आप सफल हो सकते हैं। इस Real कहानी से आपने क्या सीखा ,Comment के माध्यम से हमें जरूर बताएं

Sunday, 24 May 2015

क्या है खुश रहने का राज़ – Secret of Happiness In Hindi -Motivational story

क्या है खुश रहने का राज़ – Secret of Happiness In Hindi -Motivational story

एक समय की बात है, एक गाँव में महान ऋषि रहते थे| लोग उनके पास अपनी कठिनाईयां लेकर आते थे और ऋषि उनका मार्गदर्शन करते थे| एक दिन एक व्यक्ति, ऋषि के पास आया और ऋषि से एक प्रश्न पूछा| उसने ऋषि से पूछा कि “गुरुदेव मैं यह जानना चाहता हुईं कि हमेशा खुश रहने का राज़ क्या है (What is the Secret of Happiness)?” ऋषि ने उससे कहा कि तुम मेरे साथ जंगल में चलो, मैं तुम्हे खुश रहने का राज़ (Secret of Happiness) बताता हूँ|
ऐसा कहकर ऋषि और वह व्यक्ति जंगल की तरफ चलने लगे| रास्ते में ऋषि ने एक बड़ा सा पत्थर उठाया और उस व्यक्ति को कह दिया कि इसे पकड़ो और चलो| उस व्यक्ति ने पत्थर को उठाया और वह ऋषि के साथ साथ जंगल की तरफ चलने लगा|
कुछ समय बाद उस व्यक्ति के हाथ में दर्द होने लगा लेकिन वह चुप रहा और चलता रहा| लेकिन जब चलते हुए बहुत समय बीत गया और उस व्यक्ति से दर्द सहा नहीं गया तो उसने ऋषि से कहा कि उसे दर्द हो रहा है| तो ऋषि ने कहा कि इस पत्थर को नीचे रख दो| पत्थर को नीचे रखने पर उस व्यक्ति को बड़ी राहत महसूस हुयी|
तभी ऋषि ने कहा – “यही है खुश रहने का राज़ (Secret of Happiness)”| व्यक्ति ने कहा – गुरुवर मैं समझा नहीं|
तो ऋषि ने कहा- जिस तरह इस पत्थर को एक मिनट तक हाथ में रखने पर थोडा सा दर्द होता है और अगर इसे एक घंटे तक हाथ में रखें तो थोडा ज्यादा दर्द होता है और अगर इसे और ज्यादा समय तक उठाये रखेंगे तो दर्द बढ़ता जायेगा उसी तरह दुखों के बोझ को जितने ज्यादा समय तक उठाये रखेंगे उतने ही ज्यादा हम दु:खी और निराश रहेंगे| यह हम पर निर्भर करता है कि हम दुखों के बोझ को एक मिनट तक उठाये रखते है या उसे जिंदगी भर| अगर तुम खुश रहना चाहते हो तो दु:ख रुपी पत्थर को जल्दी से जल्दी नीचे रखना सीख लो और हो सके तो उसे उठाओ ही नहीं 


Monday, 18 May 2015



Dil Aakhir Tu Kyun Rota Hai - Sad Shayari 

Jab jab dard ka baadal chhaya
Jab gham ka saya lehraya
Jab aansu palkon tak aaya
Jab yeh tanha dil ghabraya
Humne dil ko yeh samjhaya
Dil aakhir tu kyun rota hai?
Duniya mein yun hi hota hai
Yeh jo gehre sannate hain
Waqt ne sabko hi baante hain
Thoda gham hai sabka kissa
Thodi dhoop hai sabka hissa
Aankh teri bekar hi namm hai
Har pal ek naya mausam hai
Kyun tu aise pal khota hai
Dil aakhir tu kyun rota hai

Friday, 15 May 2015


TRUE BEAUTY

True beauty is not always seen
True beauty needn't be external
True beauty is in our individuality
In you, in me, in all of us.
It is in the glittering eyes.
In a squab learning to fly
We just need to look for it
No matter where it lies
True beauty is in love
True beauty is in forgiving
Even if we do not desire to...
It is in laughter, in smile
It is a hope, in which no reasons pile
True beauty is in clean mind, in pure heart
True beauty is in the singing breeze, 
Racing water, 
Dancing trees
True beauty can never be perfectly
And completely defined, 
It is in you, in me, in all of us, 
From dawn to dusk... 

बस नज़रिए का फ़र्क है!

क गांव में कुछ मजदूर पत्थर के खंभे बना रहे थे। उधर से एक साधु गुजरे। उन्होंने एक मजदूर से पूछा- यहां क्या बन रहा है? उसने कहा- देखते नहीं पत्थर काट रहा हूं? साधु ने कहा- हां, देख तो रहा हूं।
 लेकिन यहां बनेगा क्या? मजदूर झुंझला कर बोला- मालूम नहीं। यहां पत्थर तोड़ते- तोड़ते जान निकल रही है
 और इनको यह चिंता है कि यहां क्या बनेगा। साधु आगे बढ़े। 
एक दूसरा मजदूर मिला। साधु ने पूछा- यहां क्या बनेगा? मजदूर बोला- देखिए साधु बाबा, यहां कुछ भी बने। 
चाहे मंदिर बने या जेल, मुझे क्या। मुझे तो दिन भर की मजदूरी के रूप में १०० रुपए मिलते हैं। बस शाम को रुपए मिलें और मेरा काम बने। मुझे इससे कोई मतलब नहीं
 कि यहां क्या बन रहा है। साधु आगे बढ़े तो तीसरा मजदूर मिला।
 साधु ने उससे पूछा- यहां क्या बनेगा? मजदूर ने कहा- मंदिर। इस गांव में कोई बड़ा मंदिर नहीं था। इस गांव के लोगों को 
दूसरे गांव में उत्सव मनाने जाना पड़ता था। मैं भी इसी गांव का हूं। 
ये सारे मजदूर इसी गांव के हैं। मैं एक- एक छेनी चला कर जब पत्थरों को गढ़ता हूं तो छेनी की 
आवाज में मुझे मधुर संगीत सुनाई पड़ता है। मैं आनंद में हूं। कुछ दिनों बाद यह मंदिर बन कर तैयार हो जाएगा और यहां धूमधाम से पूजा होगी। मेला लगेगा। कीर्तन होगा। मैं यही सोच कर मस्त रहता हूं। मेरे लिए यह काम, काम नहीं है। मैं हमेशा एक मस्ती में रहता हूं। मंदिर बनाने की मस्ती में। मैं रात को सोता हूं तो मंदिर की कल्पना 
के साथ और सुबह जगता हूं तो मंदिर के खंभों को तराशने के लिए चल पड़ता हूं। 
बीच- बीच में जब ज्यादा मस्ती आती है तो भजन गाने लगता हूं।
 जीवन में इससे ज्यादा काम करने का आनंद कभी नहीं आया। साधु ने कहा- यही जीवन का रहस्य है मेरे भाई। बस नजरिया का फर्क है।
 कोई काम को बोझ समझ रहा है और 
पूरा जीवन झुंझलाते और हाय- हाय करते बीत जाता है।
 लेकिन कोई काम को आनंद समझ कर जीवन का लुत्फ ले रहा है।



सब्र का फल, Inspirational Hindi Story of Buddha

बात उस समय की है जब महात्मा बुद्ध विश्व भर में भ्रमण करते हुए बौद्ध धर्म का प्रचार कर रहे
 थे और लोगों को ज्ञान दे रहे थे|

एक बार महात्मा बुद्ध अपने कुछ शिष्यों के साथ एक गाँव में भ्रमण
 कर रहे थे| उन दिनों कोई वाहन नहीं हुआ करते थे सो लोग पैदल ही मीलों की यात्रा करते थे| 
ऐसे ही गाँव में घूमते हुए काफ़ी देर हो गयी थी| बुद्ध जी को काफ़ी प्यास लगी थी| 
उन्होनें अपने एक शिष्य को गाँव से पानी लाने की आज्ञा दी| जब वह शिष्य 
गाँव में अंदर गया तो उसने देखा वहाँ एक नदी थी जहाँ बहुत सारे लोग कपड़े धो रहे थे 
कुछ लोग नहा रहे थे तो नदी का पानी काफ़ी गंदा सा दिख रहा था|
शिष्य को लगा की गुरु जी के लिए ऐसा गंदा पानी ले जाना ठीक नहीं होगा, 
ये सोचकर वह वापस आ गया| महात्मा बुद्ध को बहुत प्यास लगी थी इसीलिए 
उन्होनें फिर से दूसरे शिष्य को पानी लाने भेजा| कुछ देर बाद वह शिष्य लौटा 
और पानी ले आया| महात्मा बुद्ध ने शिष्य से पूछा की नदी का पानी तो गंदा था फिर तुम 
साफ पानी कैसे ले आए| शिष्य बोला की प्रभु वहाँ नदी का पानी वास्तव में गंदा था लेकिन
 लोगों के जाने के बाद मैने कुछ देर इंतजार किया| और कुछ देर बाद मिट्टी नीचे बैठ गयी 
और साफ पानी उपर आ गया|
बुद्ध यह सुनकर बड़े प्रसन्न हुए और बाकी शिष्यों को भी सीख दी कि हमारा ये जो जीवन
 है यह पानी की तरह है| जब तक हमारे कर्म अच्छे हैं तब तक सब कुछ शुद्ध है, लेकिन जीवन 
में कई बार दुख और समस्या भी आते हैं जिससे जीवन रूपी पानी गंदा लगने लगता है| कुछ लोग पहले वाले शिष्य की तरह बुराई को देख कर घबरा जाते हैं और मुसीबत देखकर वापस लौट जाते हैं, वह 
जीवन में कभी आगे नहीं बढ़ पाते वहीं दूसरी ओर कुछ लोग जो धैर्यशील होते हैं 
वो व्याकुल नहीं होते और कुछ समय बाद गंदगी रूपी समस्याएँ और दुख खुद
 ही ख़त्म हो जाते हैं|
तो मित्रों, इस कहानी की सीख यही है कि समस्या और बुराई केवल 
कुछ समय के लिए 
जीवन रूपी पानी को गंदा कर सकती है| लेकिन अगर आप धैर्य से काम लेंगे तो बुराई 
खुद ही कुछ समय बाद आपका साथ छोड़ देगी|
आप लोगों को ये कहानी कैसी लगी, नीचे comment के ज़रिए हमें ज़रूर बताएँ, धन्यवाद

Motivational quote

अगर ज़िंदगी में कुछ पाना होतो तरीके बदलो इरादे नहीं…!!Agar Zindagi Mein Kuch Pana HoTo Tareeke Badlo Erade Nahi…!!

एक विचार लें. उस विचार को अपनी जिंदगी बना लें. उसके बारे में सोचिये, उसके सपने देखिये, उस विचार को जिए. आपका मन, आपकी मांसपेशिया, आपके शरीर का हर एक अंग, सभी उस विचार से भरपूर हो. और दुसरे सभी विचारों को छोड़ दे. यही सफ़लता का तरीका हैं। "- स्वामी विवेकानन्द 



Sunday, 10 May 2015

माँ” का प्यार


माँ” का एक प्यार ही मुझको इतना बार बनाकर लाया ,
वरना इस जीवन को मैंने सपनों में भी कभी न पाया ।

कैसे कह दूँ  की “माँ” की ममता होती है अफसानों में,
इसके किस्से बन न सके अबतक ये बंद होती है तहखानों में ।

सारा जोबन गाल के उसने तन-मन से औलाद को सींचा,
उसी औलाद के धुत्कारे जाने पर अपने होटों को सदा ही भींचा ।

“माँ” ही जननी ,”माँ” ही देवी,”माँ” की ममता अपरमपार ,
जिस रूप में चाहोगे उसको उसी रूप में मिलेगा प्यार ।

तिरस्कृत हो समाज से वो फिर भी वात्सल्य की आस न छोड़े ,
चाहें बदल जाएँ बच्चे वो फिर भी उनसे मुँह न मोड़े ।

टुकड़ों में बाँट दिया “माँ” को एक “माँ” के पांच बेटों ने,
पर बाँट न सकी वो मरते दम तक उनमे से एक को भी दो टुकड़ों में ।

ऐसी “माँ” को नमन न हो तो अपने जीवन पर है धुत्कार ,
क्योंकि इस जग में लाने की खातिर हमको उसने पार की हैं न जाने कितनी दीवार ?


Friday, 8 May 2015

CUTE LOVE SORRY 


Jb chhoti chhoti baaton mein,


Life Changing Motivational Quotes in Hindiजीवन – Life जब तुम पैदा हुए थे तो तुम रोए थे जबकि पूरी दुनिया ने जश्न मनाया था| अपना जीवन ऐसे जियो कि तुम्हारी मौत पर पूरी दुनिया रोए और तुम जश्न मनाओ


Read: New Beginning :- एक नयी शुरुआत – Rules of Success



दूसरों को जिम्मेदार ठहराना बंद कीजिए – Stop Blaming Other People
जब तक आप अपनी समस्याओं एंव कठिनाइयों की वजह दूसरों को मानते है, तब तक आप अपनी समस्याओं एंव कठिनाइयों को मिटा नहीं सकते|                            

Read: The Cockroach Story : Motivational Speech



अपने रास्ते खुद चुनिए – Create Your Own Destiny
भीड़ हमेशा उस रास्ते पर चलती है जो रास्ता आसान लगता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि भीड़ हमेशा सही रास्ते पर चलती है| अपने रास्ते खुद चुनिए क्योंकि आपको आपसे बेहतर और कोई नहीं जानता|

Read:  देखा देखी : क्या आप अपने निर्णय स्वयं लेते है?



असंभव कुछ भी नहीं – Nothing Is Impossible
इस दुनिया में असंभव कुछ भी नहीं| हम वो सब कर सकते है, जो हम सोच सकते है और हम वो सब सोच सकते है, जो आज तक हमने नहीं सोचा|

Read: कहानियां, जो जिंदगी बदल सकती है – Hindi Kahaniyan

कभी हार मत मानो – Never Give Up
बीच रास्ते से लौटने का कोई फायदा नहीं क्योंकि लौटने पर आपको उतनी ही दूरी तय करनी पड़ेगी जितनी दूरी तय करने पर आप लक्ष्य तक पहुँच सकते है|

Read: संघर्ष – Never Give Up Stories In Hindi



सफलता और असफलता – Success and Failure
सफलता हमारा परिचय दुनिया को करवाती है और असफलता हमें दुनिया का परिचय करवाती है|

Read: रचनात्मक बनिए, जीत आपकी ही होगी Be Creative, You will Win



इच्छाशक्ति – Willpower
अगर किसी चीज को दिल से चाहो तो पूरी कायनात तुम्हे उससे मिलाने में लग जाती है |

Read:नामुनकिन कुछ भी नहीं – Wilma Rudolph Hindi Motivational Story



महानता – Greatness
महानता कभी न गिरने में नहीं बल्कि हर बार गिरकर उठ जाने में है|

Read: क्या आप अपना भाग्य खुद लिखते है? – Rashifal

Tuesday, 5 May 2015

VERY INSPIRATIONAL POEM

Don’t Quit

When things go wrong, as they sometimes will, 
When the road you’re trudging seems all uphill,                        
When the funds are low and the debts are high,                        
And you want to smile, but you have to sigh,                        
When care is pressing you down a bit,                        

           Rest, if you must, but don’t you quit.

Life is queer with its twists and turns,                        
As every one of us sometimes learns,                        
And many a failure turns about,                        
When he might have won had he stuck it out;                        
Don’t give up though the pace seems slow–                        
You may succeed with another blow.
Often the goal is nearer than,                        
It seems to a faint and faltering man,                        
Often the struggler has given up,                        
When he might have captured the victor’s cup,                        
And he learned too late when the night slipped down,                        
How close he was to the golden crown.
Success is failure turned inside out–                        
The silver tint of the clouds of doubt,                        
And you never can tell how close you are,                        
It may be near when it seems so far,                        
So stick to the fight when you’re hardest hit–                        

It’s when things seem worst that you must not quit.